Tuesday, June 7, 2011


ज़िन्दगी में चलते इतनी दूर गया हू,याद नहीं कि अपना भी है कोई !
अब लगता है, उस बेजान दिल कि ज़रूरत भी न कोई !!

Friday, May 13, 2011


आज मुद्दतों बाद खुद पर इतनी हस्सी आई ये सोचकर !
क्यों मैं बेजान शहर में भी किसी की एक झलक के इंतज़ार में हू !!

Thursday, January 27, 2011


मैंने मुद्द्त से कोई ख़ुशी नहीं देखी !
सुना है उसमें आंसू भी निकला करते हैं !!

Friday, January 14, 2011



नहीं झुका करते हम कभी गैरो की चौखट पर .....
जिस चीज़ की ज़रूरत हो, उससे जीतने का सहस अभी रखते है!!